क्षणिकाएं Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps December 15, 2011 दीदार हो न जाये उनका मैं डरता हूँ ये सोच के उनकी गली से ना गुजरता हूँ पर क्या करूँ जन्नत है उस गली में ही ये सोच के छुप छुप के मैं गुजरता हूँ Read more
क्षणिकाएं Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps December 15, 2011 आज फिर दिल ने उन्हें याद किया मेरी बर्बादियों को और भी बर्बाद किया ग़म जो थे दिल के किसी कोने में दफ्न उनके तोहफों ने फिर उनका आगाज़ किया Read more
क्षणिकाएं Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps December 11, 2011 इक दिल तो है पर गम-ए-दर्द कहा से लाऊं लिखने का शौक तो है पर शब्द कहा से लाऊँ कोशिश जो की गम-ए-रुसवाई को लिखने की पर चेहरों को पढने की नज़र कहा से लाऊं Read more